अयोध्या। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवनप्रकाश जैन ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शरदपूर्णिमा महोत्सव 2026 का आयोजन 30 जुलाई से 26 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इस वर्ष महोत्सव का मुख्य आकर्षण गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा रचित इन्द्रध्वज विधान की रचना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा इन्द्रध्वज विधान स्वर्णजयंती महोत्सव है। स्वर्णजयंती महोत्सव का उद्घाटन शाश्वत तीर्थ अयोध्या में श्रावण कृष्णा प्रतिपदा, गुरुवार 30 जुलाई 2026 को प्रातः 6 से 7 बजे के मध्य पारस चैनल एवं भगवान ऋषभदेव जूम चैनल पर संपन्न हुआ। पारस चैनल पर इसका सीधा प्रसारण किया गया तथा जूम पर सैकड़ों भक्तों ने जुड़कर दीप प्रज्वलित किए और दस प्रकार के चिन्हों से युक्त ध्वजाएं लहराईं।

आगम में वर्णित विधि के अनुसार भक्तों ने इन्द्र का स्वरूप धारण कर हाथों में सफेद पुष्पों की थाल, सुपारी के गुच्छे, केले के गुच्छे, कटहल, कमल पुष्प की थाल, आम्र आदि फलों की थाल तथा अष्ट द्रव्यों की थालों के साथ भव्य इन्द्रध्वज विधान की पूजा एवं जयमाला पूर्वक अनुष्ठान संपन्न किया। परमपूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिकारत्न श्री चन्दनामती माताजी के निर्देशानुसार समस्त श्रावक-श्राविकाओं से अनुरोध है कि वे अपने घर में ध्वजा फहराएं और अर्घ्य अर्पित करें। इस हेतु व्हाट्सएप के माध्यम से इन्द्रध्वज विधान की 10 ध्वजाओं के चित्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। श्रद्धालु इनका प्रिंट निकलवाकर अथवा इसी प्रकार की वास्तविक ध्वजाएं चिन्ह सहित बनाकर विधान में उपयोग कर सकते हैं। साथ ही विधान के समय 50 बादाम और 1 नारियल अपने पास रखें। उद्घाटन के पश्चात स्वर्णजयंती महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से पारस चैनल एवं भगवान ऋषभदेव जूम चैनल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अतः सभी श्रद्धालुजन घर बैठे इस पुण्यमयी अवसर का लाभ अवश्य लें और कार्यक्रम में सहभागी बनें। महोत्सव का मूल संदेश है हर घर ध्वज लहरायेंगे, माँ ज्ञानमती गुण गायेंगे।



