इंदौर। इंदौर की विदुषी एवं शोधकर्ता डॉ ममता अशोक खासगीवाला ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर दिल्ली में आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज को अपना शोध ग्रंथ 'वस्तुत्व महाकाव्य में जैन दर्शन' श्रद्धापूर्वक भेंट किया। यह शोध कार्य आचार्यश्री द्वारा रचित बहुचर्चित ग्रंथ वस्तुत्व महाकाव्य पर आधारित है।
डॉ अनुपम जैन के निर्देशन में पूर्ण हुआ शोध
डॉ ममता खासगीवाला ने यह पीएचडी शोधकार्य अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वान डॉ अनुपम जैन के निर्देशन में पूर्ण किया। शोध में वस्तुत्व महाकाव्य के माध्यम से जैन दर्शन के सिद्धांतों का गहन एवं शास्त्रीय अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
गुरु पूर्णिमा पर हुआ शोध ग्रंथ का समर्पण
गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में डॉ ममता खासगीवाला ने अपना शोध ग्रंथ आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज को समर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। यह क्षण उनके शोध जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।
गणमान्यजनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर दिगंबर जैन सभा ऋषभ विहार, दिल्ली के पदाधिकारी, इंदौर के वरिष्ठ समाजसेवी आजाद कुमार जैन, डॉ जैनेंद्र जैन, अशोक खासगीवाला, हंसमुख गांधी, नेमीचंद बड़कुल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
जैन साहित्य और शोध को मिला प्रोत्साहन
यह शोध ग्रंथ जैन साहित्य, दर्शन एवं अकादमिक शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। विद्वानों ने इसे जैन दार्शनिक चिंतन के अध्ययन को नई दिशा देने वाला प्रयास बताया।



