परतापुर। धर्मनगरी परतापुर में रविवार को गणिनी आर्यिका 105 विशिष्ट श्री माताजी ससंघ के 29वें विरागमय पावन वर्षायोग का शुभारंभ भक्ति, श्रद्धा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। कलश स्थापना महोत्सव में परतापुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

ध्वजारोहण और अभिषेक से हुआ शुभारंभ

प्रवक्ता राहुल जैन ने बताया कि वर्षायोग के शुभारंभ अवसर पर ध्वजारोहण का पुण्य लाभ शाह भावेश प्रकाश जी परिवार को प्राप्त हुआ। प्रातः सहस्त्रनाम कलशों से भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई।

दोपहर में बालिका मंडल एवं बहु मंडल द्वारा मंगलाचरण के साथ कलश स्थापना समारोह का शुभारंभ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत-सम्मान किया गया तथा श्री 1008 नेमिनाथ भगवान एवं पूज्य पूर्वाचार्यों के चरणों में अर्घ्य समर्पित कर वर्षायोग के मंगलमय एवं निर्विघ्न संचालन की प्रार्थना की गई।

भक्ति संगीत से सराबोर हुआ वातावरण

कार्यक्रम में गणाचार्य 108 श्री विराग सागर जी महाराज की भक्तिमय संगीतमय पूजा संगीतकार दीपेश ने मधुर स्वरों एवं भजनों के माध्यम से संपन्न करवाई। भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया।

प्रतिष्ठाचार्य हसमुख जी ने चातुर्मास, वर्षायोग एवं कलश स्थापना की महिमा बताते हुए धर्म, संयम और आत्मकल्याण का संदेश दिया।

कलश स्थापना का मिला पुण्य लाभ

कलश स्थापना का पुण्य लाभ क्रमशः शाह राजेश पवन जी परिवार, पंचोरी परेश चांदमल जी परिवार, कोठारी विनीत सागरमल जी परिवार, पंचोरी प्रदीप सागरमल जी परिवार, कोरावत मयंक नरेंद्र जी परिवार, संदीप जी जैन (दुबई), दोसी चिराग दिलीप जी परिवार तथा दोसी विनोद, सुभाष, दिनेश रितु गारमेंट परिवार को प्राप्त हुआ।

जिनवाणी भेंट और पाद प्रक्षालन

इस अवसर पर अरुण जी कोटड़िया परिवार को गणिनी आर्यिका 105 विशिष्ट श्री माताजी ससंघ को जिनवाणी भेंट एवं पाद प्रक्षालन का पुण्य लाभ प्राप्त हुआ। वहीं शाह प्रतीक कनकमल जी परिवार ने भोजन दाता बनकर पुण्यार्जन किया।

साधु-श्रावक का जुड़ाव ही वर्षायोग की सफलता

अपने आशीर्वचन में गणिनी आर्यिका 105 विशिष्ट श्री माताजी ने कहा कि साधु और श्रावक का परस्पर जुड़ाव ही वर्षायोग की वास्तविक सफलता है। चातुर्मास एवं वर्षायोग आत्मकल्याण, धर्मध्यान, स्वाध्याय, तप और पुण्यार्जन का अनुपम अवसर है। उन्होंने श्रद्धालुओं से इन चार महीनों का अधिकतम सदुपयोग करते हुए धर्ममय जीवन की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।

चिराग दोसी ने किया संचालन

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन चिराग दोसी ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी कलशधारकों, दानदाताओं एवं सहयोगियों का सम्मान किया गया।

धर्ममय वातावरण में हुआ भव्य शुभारंभ

पूरे आयोजन में धर्ममय वातावरण, संगीतमय भक्ति और श्रद्धालुओं की अपार उपस्थिति ने 29वें विरागमय पावन वर्षायोग के शुभारंभ को विशेष एवं अविस्मरणीय बना दिया।