दिगंबर जैन समाज द्वारा सोमवार को आक्रोश रूप में मौन रैली तहसील प्रांगण तक निकाली गई। तहसीलदार भावना रावत को ज्ञापन दिया गया।धरमपुरी से पढ़िए, यह खबर...
धरमपुरी। दिगंबर जैन समाज द्वारा सोमवार को आक्रोश रूप में मौन रैली तहसील प्रांगण तक निकाली गई। तहसीलदार भावना रावत को ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजेश जैन बज ने आयोजन का संचालन किया और कहा कि रीवा शहर में समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागरजी के संघ की आर्यिका माताजी का संघ विराजमान था। जिसमें आर्यिका माताजी श्रुतमतिजी एवं उपशम मतिजी और अन्य आर्यिका अपने शिष्यों के साथ सुबह के समय अपनी दैनिक नित्य क्रिया के लिए गंतव्य स्थान से खुला चौड़ा रोड़ के साइड से पैदल आ रही थी। आवागमन भी नाम मात्र का था। इतने में एक कार को चालक ने सूना रोड को छोड़कर पैदल चलने वाली इन आर्यिका पर चढ़ा दी और क्रूरतम तरीके से हत्या के इरादे से रौंदते हुए फरार हो गया। दोनों गुरु माताजी का देहावसान हो कर समाधि मरण हो गया। इस घटना से पूरा समाज स्तब्ध एवं शोक व्याप्त हो गया। इस संदर्भ में अखिल भारतीय जैन संगठन के आह्वान पर पूरे भारत में 25 मई का दिन नियत कर विरोध स्वरूप आयोजन किए गए। इस अवसर पर समाज के पूर्व अध्यक्ष हीराचंद सेठी ने भी उक्त घटना पर विरोध व्यक्त करते हुए आरोपी पर जघन्य हत्याकांड की धारा लगाकर कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई। ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके। ज्ञापन का वाचन राजकुमार काला ने किया।
इस अवसर पर जैन समाज कमेटी के पदाधिकारी विवेक कासलीवाल, अमित सेठी, प्रीतेश जैन, अभिषेक कासलीवाल, ऋषभ बज सहित समस्त समाज जनों महिला, पुरुष, बच्चे सभी की उपस्थिति रही।






