1998 में1 फरवरी 1998 से 8 फरवरी तक चला था महामस्तकाभिषेक

श्रीमहावीरजी में 1998 में भगवान महावीर स्वामी का सहस्त्राब्दी समारोह हुआ था। 24 साल पहले 1 फरवरी 1998 से 8 फरवरी . 1998 तक भगवान की मूर्ति का जलाभिषेक हुआ था। तब न्यायालय के आदेश पर मूर्ति का सहस्त्राभिषेक नहीं हो पाया था। पिछले महोत्सव की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत ने की थी। इस बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथों महोत्सव शुरू हुआ है। इस बार सुविधाएं बेहतर बताई जा रही है। तब कार्यक्रम में भजन गायक अनूप जलोटा, मशहूर गायिका अनुराधा पोडवाल, रविन्द्र जैन की प्रस्तुतियां हुई थीं।

2022 मेंआज 108 बार चढ़ाएंगे जल, कल से 4 दिसंबर तक महोत्सवरविवार को महामस्तकाभिषेक शुरू होगा। 8 कलश से पहले दिन 108 बार जल चढ़ाएंगे। 28 से 4 दिसंबर तक 900 कलशों से अभिषेक होगा। इस दौरान 1 हजार 8 कलश से अभिषेक किया जाएगा। चूंकि भगवान महावीर स्वामी के 1 हजार 8 नाम है। इसलिए हर मंत्रोच्चार के साथ भगवान का एक नाम पुकारते हुए 1 हजार 8 बार अभिषेक किया जाएगा। पहले दिन रविवार को दोपहर सवा बारह बजे से दोपहर तीन बजे तक तथा 28 से 4 दिसंबर तक सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक अभिषेक होगा। अभिषेक के दौरान मंदिर में दर्शन शाम को खुलेंगे। (साभार दैनिक भास्कर)