धार्मिक नगरी टीकमगढ़ शुक्रवार को ऐतिहासिक और पुण्यशाली अवसर की साक्षी बनी। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज संसघ के पावन सान्निध्य एवं दीक्षा प्रदाता के रूप में यहां चार ब्रह्मचारी मुमुक्षुओं ने सांसारिक बंधनों का त्याग कर जैनेश्वरी दीक्षा अंगीकार की। टीकमगढ़ से पढ़िए, यह रिपोर्ट...
टीकमगढ़। धार्मिक नगरी टीकमगढ़ शुक्रवार को ऐतिहासिक और पुण्यशाली अवसर की साक्षी बनी। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज संसघ के पावन सान्निध्य एवं दीक्षा प्रदाता के रूप में यहां चार ब्रह्मचारी मुमुक्षुओं ने सांसारिक बंधनों का त्याग कर जैनेश्वरी दीक्षा अंगीकार की। दीक्षा महोत्सव में देशभर से हजारों गुरुभक्त, धर्मप्रेमी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे। इस अवसर पर पंडित श्रेयांश कुमार जैन बडोद, पंडित संतोष कुमार विनोद कुमार रजवास पंडित जय निशांत, अतिशय जैन इंदौर ने जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण की। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि दीक्षा समारोह में पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि संयम का मार्ग ही मोक्ष का मार्ग है। विशुद्ध बगिया में आज चार नए पुष्प खिले हैं, जिनकी सुगंध से पूरा समाज सुवासित होगा। संसार के समस्त परिग्रहों का त्याग कर आत्म कल्याण के मार्ग पर बढ़ना सबसे बड़ा पुरुषार्थ है। दीक्षा विधि के बाद नवदीक्षित साधुओं का श्रद्धालुओं ने जय कारा लगाए और नमोस्तु शासन जयवंत हो से दीक्षा स्थल गुंजायमान कर दिया।विशुद्ध बगिया के नए पुष्पों का परिचय

श्रमण मुनि श्री सकलार्थ सागर जी महाराज

’पूर्वनाम-ब्रह्मचारी श्री प्रवीण जैन

’जनक-जननी- रमेशचंद जैन एवं पुष्पा जैन

’जन्म-17 जून 2003, इंदौर (मप्र)

’लौकिक शिक्षा- बीए अंतिम वर्ष

संघ प्रवेश- 28 अप्रैल 2025

’मुनि दीक्षा- 17 अप्रैल 2026, टीकमगढ़ (मप्र)

श्रमण मुनि श्री सुबोध सागर जी महाराज  

पूर्वनाम- ब्रह्मचारी विलास गांधी

जनक-जननी- तलकचंद गांधी एवं कमलादेवी (सु. कुंथुमति)

जन्म-11 जुलाई 1955, सोलापुर (महाराष्ट्र)

लौकिक शिक्षा-9वीं

विशेष-द्वितीय प्रतिमा व्रत कुंथुगिरि (महा) में लिया,

संघ प्रवेश-मुंबई

मुनि दीक्षा-17 अप्रैल 2026, टीकमगढ़ (मप्र)

श्रमण मुनि श्रीसुप्रभात सागर जी महाराज 

पूर्वनाम- ब्रह्मचारी राहुल जैन

’जनक-जननी- राजेंद्र जैन एवं रानी जैन

जन्म-20 सितंबर 2000, सोनागिर

लौकिक शिक्षा- चौथी

विशेष-ब्रह्मचर्य व्रत 24-10-2018,

प्रतिमा व्रत-23-12-2018,

संघ प्रवेश-15-01-2025

मुनि दीक्षा- 17 अप्रैल 2026, टीकमगढ़ (मप्र)

 क्षुल्लक श्री सुप्रसन्न सागर जी महाराज  

पूर्वनाम-ब्रह्मचारी राजेश जैन

जनक-जननी-बाबूलाल जैन एवं पुष्पा जैन

जन्म-8 नवंबर 1982, टीकमगढ़ (मप्र)

लौकिक शिक्षा-10वीं

विशेष-ब्रह्मचर्य व्रत 2-10-2024

मुनि दीक्षा-17 अप्रैल 2026, टीकमगढ़ (मप्र)

दीक्षा प्रदाता-पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज