सारांश
आदिवासियों ने सम्मेद शिखर के मुद्दे पर बुलाई महारैली, जिसे स्थानीय भाषा में महाजुटान कहा गया, सरकार को जमकर कोसा गया । झारखंड में आदिवासी नेताओं ने अपनी राजनीति को चमकाने के लिए भोले-भाले आदिवासियों को जैन समाज के विरुद्ध करने के लिए उकसावे भरे भाषण दिए हैं ।-
आदिवासियों के महाजुटान में बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम ने एलान किया है कि 24 फरवरी को इस मुद्दे पर पूरा झारखंड बंद किया जाएगा और झारखंड विधानसभा के अगले सत्र में इस मुद्दे को वो उठाएंगे। रैली में कई वक्ताओं ने जैन समाज के कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार से मिलकर उन्होनें अपने हक में फैसला करवा लिया लेकिन आदिवासी अपना हक नहीं छोडेंगे।
मधुबन में आज रोचक नजारा भी दिखा जहां एक तरफ जैन समाज के लोग वंदना मार्ग की परिक्रमा करते रहे, दूसरी तरफ आंदोलनकारी नेता उग्र भाषण करते रहे ।
श्रीफल जैन न्यूज़ की राय स्पष्ट है कि आस्था के मुद्दे पर अब राजनीति प्रबल हो चुकी है और आने वाले वक्त में जैन समाज को आम आदिवासी नहीं बल्कि भडकाऊ आदिवासी नेताओं की नियत का सामना करना होगा । धैर्य,संयम और शील व्यवहार से ही समाज इस संकट को पार पा सकता है ।





