जीवन में यदि सुख पाना है तो तीन मूल मंत्र याद करना बहुत जरूरी है। हर जीव सुख की चाह में है और सुख हर किसी को नहीं मिल रहा है लेकिन, जीव सुखी इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि, वो उपाय गलत कर रहा है। यह उदगार मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज धर्मसभा में व्यक्त किए। सनावद से पढ़िए, यह खबर...
सनावद। जीवन में यदि सुख पाना है तो तीन मूल मंत्र याद करना बहुत जरूरी है। हर जीव सुख की चाह में है और सुख हर किसी को नहीं मिल रहा है लेकिन, जीव सुखी इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि, वो उपाय गलत कर रहा है। यह उदगार मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज धर्मसभा में कही। सन्मति जैन काका ने बताया की इंदौर से मंगल विहार कर खंडवा में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव में अपना सानिध्य प्रदान करने जा रहे विहाररत मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ चार पिच्छी का भव्य मंगल प्रवेश धर्म नगरी सनावद में हुआ। आप का सभी समाजजनों ने पाद प्रक्षालन किया। आप ने नगर के जिनमंदिरों के दर्शन किए। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर पहुंचे। जहां आप के सानिध्य में श्री जी का अभिषेक हुआ। आचार्य शांति सागर वर्धमान देशना निलय में भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समकक्ष इंदौर, मंडलेश्वर, बड़वाह, खंडवा,औरंगाबाद से पधारे अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। सभा का शुभारंभ संगीता पाटोदी के मंगलाचरण से हुआ।सनावद हमारा दीक्षा के बाद प्रथम बार आना हुआ
मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी का रसपान करवाते हुए कहा कि जीवन सुख पाना है तो ये तीन मूल मंत्र अपनाना जरूरी है। पहला मंत्र है समय सूचकता, प्रतिक्रिया विचार, भावुकता से परहेज़। समय सूचकता जिसने टाइम मैनेजमेंट समय सूचकता को समझ लिया वो अपने जीवन में दुःख कभी भी नहीं प्राप्त करेगा। दूसरा मंत्र प्रतिक्रिया विचार जब भी विचार करो की कौन सी प्रतिक्रिया आप के जीवन में मंगल दे और कौन सी प्रतिक्रिया अमंगल दे इसलिए जब भी प्रतिक्रिया दे सोच समझ कर दे। तीसरा मंत्र भावुकता से परहेज़ कर सकते। जिन्हें सुख चाहिए वो भावुकता से परहेज़ करते हैं। मुनि श्री ने कहा कि सनावद हमारा दीक्षा के बाद प्रथम बार आना हुआ। हम 2014 में गुरुदेव पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के साथ आना हुआ था। जो भक्ति आस्था समर्पण उस समय था वो आज भी नगरवासियों का वैसा ही है। आज के इस अवसर पर मुनि श्री को आहारदान देने का सौभाग्य सावित्री बाई कैलाशचंद जटाले परिवार, सौभाग्य चंद जैन बडुद परिवार एवं पाटनी ब्रदर्स परिवार को प्राप्त हुआ। दोपहर में मुनि श्री ने तत्व चर्चा की। इसके खंडवा की ओर मंगल विहार हुआ। इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित थे।






