सागवाड़ा। आषाढ़ी अष्टान्हिका महापर्व के पावन अवसर पर सागवाड़ा निवासी श्रीमती मनोरमा गोवाड़िया, धर्मपत्नी श्री विशाल गोवाड़िया ने नौ दिनों तक निराहार रहकर उत्कृष्ट तप आराधना की। गुरुवार प्रातः धार्मिक विधि-विधान के साथ उनका पारणा श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया गया।
पूजा-अर्चना एवं शोभायात्रा
समाज के प्रतिष्ठाचार्य पं. विनोद पगारिया ने बताया कि पारणा से पूर्व श्रीमती मनोरमा गोवाड़िया ने श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात बैण्ड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा आदिनाथ दिगम्बर जैन जूना मंदिर सहित नगर के सभी आठों जिनालयों में पहुँची, जहाँ श्रद्धापूर्वक पोसारा (अष्टद्रव्य) समर्पित किया गया।
धार्मिक विधि से सम्पन्न हुआ पारणा
शोभायात्रा के उपरांत स्व-निवास पर परिजनों ने णमोकार महामंत्र के मंगलोच्चार के बीच जल से मुखशुद्धि कराई तथा जूस पिलाकर नौ दिवसीय तप का पारणा कराया।
तप की अनुमोदना
समाजजनों एवं श्रद्धालुओं ने तपस्विनी के कठिन तप की अनुमोदना करते हुए इसे आत्मशुद्धि, संयम और धर्म साधना का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
आध्यात्मिक संदेश
अष्टान्हिका महापर्व के दौरान किया गया तप, पूजा और जिनालयों की आराधना आत्मकल्याण, संयम तथा आध्यात्मिक उन्नति की भावना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
समापन
धार्मिक वातावरण में सम्पन्न इस आयोजन में समाजजनों एवं परिजनों ने श्रद्धाभाव से सहभागिता कर तपस्विनी का उत्साहवर्धन किया तथा धर्म आराधना की प्रेरणा ग्रहण की।



