जयपुर। वीर शासन जयंती के पावन अवसर पर जनकपुरी स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में विविध धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुए। मंदिर परिसर भगवान महावीर के जयघोष और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।

प्रातःकाल भगवान महावीर स्वामी का विधि-विधानपूर्वक अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन-अर्चना सम्पन्न हुई। इस अवसर पर आचार्य श्री आदित्य सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में भगवान महावीर के अहिंसा, संयम, करुणा एवं आत्मकल्याण के संदेश को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि वीर शासन जयंती आत्मजागरण और आत्मशुद्धि का प्रेरक पर्व है।

कार्यक्रम का शुभारंभ संघस्थ दीदी आरती द्वारा मंगलाचरण से हुआ। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन किया गया। आगरा से पधारे पंडित जिनेश जैन शास्त्री एवं शैलेन्द्र जैन ने आचार्यश्री का श्रद्धापूर्वक पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट अर्पित की।

इसी अवसर पर श्रावक रमेश साखुनियाँ एवं श्रीमती रूबल निखिल शाह द्वारा सम्पन्न अष्टाह्निका महापर्व के व्रतों का विधिवत पारणा कराया गया। पारणा के उपरांत व्रती श्राविका श्रीमती रूबल शाह का श्री दिगम्बर जैन मंदिर से उनके निवास तक गाजे-बाजे, बग्गी एवं जयघोष के साथ भव्य धार्मिक जुलूस निकाला गया।

जुलूस में वर्षायोग समिति, महिला मंडल, जैन युवा मंच तथा बड़ी संख्या में समाज के श्रद्धालु भक्ति भाव से सम्मिलित हुए। पूरे मार्ग में भगवान महावीर के जयघोष और धर्मध्वजाओं के साथ वातावरण धर्ममय बना रहा।

श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के बताए अहिंसा, सत्य, संयम एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए वीर शासन जयंती को श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक मनाया।