अंबाह। परम पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री संगममति माताजी श्रीसंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र महाअर्चना एवं आराधना का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। प्रथम दिवस नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजली जिनेश जैन तथा जिनेश जैन परिवार को प्रथम पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
बैंड-बाजों के साथ निकली भव्य मंगल यात्र
शाम 6:45 बजे जयश्वर रोड स्थित पुण्यार्जक परिवार के निवास से बैंड-बाजों, धार्मिक ध्वजों और जयघोषों के साथ भव्य मंगल यात्रा निकाली गई। नगर पालिका अध्यक्ष जिनेश जैन ने सपरिवार कलश लेकर यात्रा का नेतृत्व किया। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती यात्रा में श्रद्धालु "णमोकार मंत्र की जय" और "गुरु मां संगममति माताजी की जय" के उद्घोष करते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए।
जैन बगीची में हुआ सामूहिक जाप
मंगल यात्रा जैन बगीची पहुंची, जहां सायं 7:30 से 8:30 बजे तक सामूहिक णमोकार महामंत्र जाप एवं महाअर्चना संपन्न हुई। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बच्चों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। केसरिया साड़ियों में सुसज्जित मातृशक्ति की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया। दीपों की ज्योति, भजनों की मधुर स्वर लहरियों और सामूहिक जाप से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।
णमोकार महामंत्र आत्मकल्याण का श्रेष्ठ मार्ग – आर्यिका संगममति माताजी
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री संगममति माताजी ने कहा कि णमोकार महामंत्र समस्त मंत्रों का मूल एवं सर्वश्रेष्ठ मंत्र है। यह पंच परमेष्ठियों को समर्पित महामंत्र है, जिसके श्रद्धापूर्वक एवं नियमित जाप से मन की चंचलता समाप्त होती है, आत्मा की शुद्धि होती है तथा जीवन में शांति, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
धर्म प्रभावना का माध्यम बनेगा आयोजन
नगर पालिका अध्यक्ष जिनेश जैन ने कहा कि गुरुमाता के सान्निध्य में प्रारंभ हुई 35 दिवसीय महाअर्चना अंबाह नगर के लिए गौरव का विषय है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है। उन्होंने सभी धर्मप्रेमियों से प्रतिदिन आराधना में शामिल होकर धर्म प्रभावना में सहभागी बनने का आह्वान किया।
35 दिनों तक प्रतिदिन होंगे धार्मिक आयोजन
आयोजन समिति के अनुसार 35 दिवसीय महाअर्चना के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग पुण्यार्जक परिवारों के सौजन्य से शाम 6:45 बजे मंगल यात्रा निकलेगी तथा जैन बगीची में सायं 7:30 से 8:30 बजे तक सामूहिक णमोकार महामंत्र जाप, महाअर्चना, प्रवचन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महिलाओं से केसरिया साड़ी धारण कर तथा युवाओं एवं बच्चों से अधिकाधिक सहभागिता की अपील की गई है।
भक्ति और उत्साह के साथ हुआ प्रथम दिवस का समापन
प्रथम दिवस के आयोजन में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं बच्चों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं ने णमोकार महामंत्र का सामूहिक जाप कर आत्मकल्याण एवं विश्व शांति की मंगलकामना की। "णमोकार मंत्र की जय" एवं "गुरु मां संगममति माताजी की जय" के जयघोषों के साथ प्रथम दिवस का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।





