चारूकीर्ति स्वामी की 75वीं जन्मजयंती के उपलक्ष्य में विशेष श्रृंखला-2 : चारुकीर्ति जी के व्यक्तित्व का सबसे बड़ा अलंकरण 'अजातशत्रुता' -आचार्य श्री सुविधिसागर महाराज
श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ बड़े स्वामी जी चारूकीर्ति भट्टारक जी को सामाजिक और धार्मिक योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने समाज में नैतिकता, आध्यात्मिकता और अहिंसा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने जीवन को जैन धर्म के सिद्धांतों के पालन और शिक्षा में सम
श्रवणबेलगोला • Shreephal Jain News • 5/9/2024, 1:11:50 pm




















