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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

जैन धर्म समाज, साहित्य और संस्कृति में अतुलनीय योगदान : जैन समाज में शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी सी चमक रही हैं ज्ञानमति माताजी

सन् 1934 की शरद पूर्णिमा के शुभ दिन जब चन्द्रमा की शुभ्र छटा सम्पूर्ण धरा को अपने आवेश में समेटे थे, तब उ.प्र. के बाराबंकी जनपद के ग्राम टिकेतनगर में बाबू छोटेलाल जी जैन के घर एक कन्या का जन्म हुआ। यही कन्या आगे चलकर जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी ज्ञानमति माताजी बनीं। पहले मात्र 18

इंदौर संपादक 27/10/2023, 10:06:49 pm

जीवन में गहरा असर डालते हैं पंचक : पंचक क्या हैं और क्यों लगते हैं -ज्योतिषाचार्य हुकुमचंद जैन

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन के अनुसार यू तो पंचक हर माह पांच दिनों के लिए लगते है सोमवार,बुधवार,गुरुवार को प्रारंभ होने वाले पंचक शुभ फल देने वाले होते हैं। पंचक बार और नक्षत्र के अनुसार फल तो करते ही हैं व्यापारिक वस्तुओ को भी अच्छा खासा तेजी मंदी का अनुमान पूरे माह के लिए करा

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2023, 6:55:18 pm

हमारे उत्सवों के स्तर और गरिमा का सवाल : कार्यक्रमों के गुणात्मक स्तर को भी सुधार लें तो ये होंगे ज्यादा प्रभावशाली और सार्थक-प्रो. अनेकांत कुमार जैन

प्रो. अनेकांत कुमार जैन, सलाहकार, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का चिंतन है कि चातुर्मास में भव्याति भव्य कार्यक्रम होते हैं। प्रायः सभी कार्यक्रमों को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व भी बतलाया जाता है। खर्च और वैभव से तो हम भव्यता विकसित कर ही रहे हैं किंतु साथ में यदि इन कार्यक्रमों के गुणात

इंदौर Shreephal Jain News 8/7/2023, 11:35:46 pm

बच्चों को शुरू से ही देने होंगे जैन संस्कार : धर्मांतरण पर चिंता नहीं, चिंतन की आवश्यकता

भी हाल ही में गाजियाबाद व दमोह की घटनाओं में जैन धर्मावलम्बियों को इस्लाम धर्म कबूल करते व मुस्लिम होते देखा गया। जिससे हम सब जैन धर्म के अनुयायी चिंता में आ गए व व्हाटसअप वीरों को चिंता में बड़े-बड़े सुझाव देखने सुनने को मिल रहे हैं। आजकल हमारी चिंता फेसबुक आदि इलेक्ट्रानिक मीडि

गाजियाबाद Shreephal Jain News 14/6/2023, 12:02:59 pm

ज्ञान का अमृत पर्व है श्रुत पंचमी : भगवान महावीर के दर्शन को पहली बार प्रस्तुत किया गया था लिखित ग्रंथ में

श्रुत पंचमी महापर्व के दिन जैन धर्म के प्रथम ग्रंथ को लिपिबद्ध किया गया था। इससे पूर्व सभी ज्ञान को अपने कंठ में रखने की परंपरा थी तथा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में वचनों द्वारा ही स्थानातरित किया जाता रहा था। पढ़िए इस पर्व पर अंतर्मुख मुनि श्री पूज्य सागर महाराज का यह विशेष आलेख..

इंदौर Shreephal Jain News 24/5/2023, 6:00:17 am

श्रुत पंचमी विशेष: पहले तीर्थंकर केवल उपदेश देते थे, तब तीर्थंकरों की वाणी को लिखने की परंपरा नहीं थी, पहली बार तीर्थंकर महावीर की ज्ञानवाणी को लिपिबद्ध किया गया

जैन दर्शन में जैसे तीर्थंकर भगवंतों की जन्म जयंती मनाते है, वैसे ही श्रुत पंचमी का महापर्व मनाया जाता है। श्रुत पंचमी को संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश भाषा के हस्तलिखित प्राचीन शास्त्रों को भगवान की वेदी के पास स्थापित कर उनकी आवरण की साज-सज्जा कर पूजन किया जाता है। पढ़िए श्रुत पंचमी

इंदौर Shreephal Jain News 23/5/2023, 7:05:36 pm

प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्ति सागर जी महाराज 'छाणी' के समाधि दिवस पर विशेष : दिगंबर साधुओं के विहार का मार्ग किया था प्रशस्त

परम पूज्य आचार्य श्री 108 शान्ति सागर जी महाराज 'छाणी' ने 17 मई, 1944 को राजस्थान के सागवाड़ा नगर में समाधिपूर्वक मरण कर इस नश्वर देह का त्याग किया। पूज्य आचार्य श्री का जितना विशाल एवं अगाध व्यक्तित्व था, उनका कृतित्व उससे भी अधिक विशाल था। इस अवसर पर पढ़िए परम पूज्य आचार्य श्री

इंदौर Shreephal Jain News 16/5/2023, 3:03:55 pm

श्री दि.जैन ज्ञानतीर्थ क्षेत्र मुरैना के हैं प्रणेता : सराकोद्धारक आचार्य ज्ञानसागर महाराज के अवतरण दिवस पर विशेष

धर्म नगरी मुरैना में ही 01 मई 1957 को श्री शांतिलाल जैन (विचपुरी वाले) के घर माता श्रीमती अशर्फी देवी जैन की कोख से बालक उमेश का जन्म हुआ। पूज्य गुरुदेव भगवान महावीर निर्वाण दिवस 15 नवम्बर 2020 को अतिशय क्षेत्र बारां (कोटा) में समाधि को प्राप्तकर मोक्षगामी हो गए। गुरुदेव के अवतरण

मुरैना Shreephal Jain News 30/4/2023, 3:10:24 pm

महावीर जन्मकल्याणक पर विशेष : विश्व को आवश्यकता भगवान् महावीर स्वामी की

सम्प्रति काल में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्चर्य की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी भगवान् महावीर स्वामी के काल में थी। पूर्व में धर्म के नाम से हिंसा होती थी। वर्तमान में धर्म के साथ राज्यों, राष्ट्रों के नाम पर मानव जाति अपनी कषाय पोषण में हिंसा कर्म में लीन है। पढ़िए मुनि श्री विशु

इंदौर Shreephal Jain News 3/4/2023, 12:38:22 pm

महावीर जन्म कल्याणक विशेष : इन 21 प्रश्नों के उत्तर से परखिए खुद, कितना जानते हैं आप भगवान महावीर को

कितना जानते हैं आप जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर को, तो इन 21 प्रश्नों और उनके उत्तरों से जानें, कितना है आपका ज्ञान भगवान महावीर के बारे में। महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक के पावन पर अवसर तुष्टि कीर्तेश जैन, घाटलो की प्रस्तुति... 1. बालक महावीर का जन्म कहां हुआ था ? बालक महावीर का ज

इंदौर Shreephal Jain News 1/4/2023, 5:14:36 pm

आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के दीक्षा दिवस 31 मार्च पर विशेष : सराकोद्धारक व सराको के राम नाम से हुए प्रसिद्ध

मुरैना में 01 मई 1957 को श्री शांतिलाल जैन (विचपुरी वाले) के घर मां श्रीमती अशर्फी देवी की कुक्षी से एक बालक का जन्म हुआ। पंडित जी ने बालक की कुंडली बनाकर नाम रखा उमेश। यही उमेश आगे चलकर आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के नाम से प्रसिद्ध हुए। आपने भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक

मुरैना Shreephal Jain News 30/3/2023, 4:08:42 pm

जैन धर्म दर्शन, संस्कृति, पुरातत्व, कला, प्राच्य भाषा एवं साहित्य के थे संरक्षक : हृदय में सदा जीवंत रहेंगे पूज्य भट्टारक स्वामी जी

श्रवणबेलगोला मठ के समाधि लीन स्वस्ति श्री जगद्गुरु चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी पर डॉ. अरिहन्त कुमार जैन, असिस्टेंट प्रोफेसर, जैन अध्ययन संस्थान, क. जे. इंस्टीट्यूट ऑफ धर्म स्टडीज, सोमैया विद्याविहार यूनिवर्सिटी, मुम्बई का विशेष संस्मरण... जगद्गुरु कर्मयोगी स्वतिश्री चारुकीर्ति भट्ट

श्रवणबेलगोला Shreephal Jain News 29/3/2023, 12:49:23 pm

परम पूजनीय जिनधर्म प्रभाविका आर्यिका105 सृष्टि भूषण माताजी : 26 मार्च को संयम वर्ष वर्द्धन दिवस भाव भीनी अभिव्यक्ति

लेखिका - संघस्थ बाल ब्रह्मचारिणी आर्यिका श्री विश्वयशमति संकलन - राजेश पंचोलिया, इंदौर साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है पूज्य आर्यिका 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी जी, पूज्य माता जी ने भारतवर्ष के मध्य प्रदेश प्रांत की मुंगावली की धरा पर 23 मार्च, 1964 को श्रद्धेय पिताश्र

इंदौर Shreephal Jain News 25/3/2023, 6:40:47 pm

शब्दों का खेल ,कभी मेल...तो कभी बेमेल: मुनि श्री निरंजन सागर जी की वाणी पर आधारित लेख

कुंडलपुर में आयोजित धर्म सभा में मुनि श्री निरंजन सागर जी ने हित ,मित और प्रिय शब्दों का प्रयोग करने को कहा है। हितकारी वचन अर्थात जो दूसरों के लिए और अपने लिए कल्याणकारी हो । जिसमें अपना वा दूसरों का स्वार्थ सधता हो, वे हितकारी वचन नहीं है । विस्तारपूर्वक पढ़िए ये संत वाणी,जिेस

कुंडलपुर Shreephal Jain News 17/2/2023, 7:25:41 pm

मोक्ष महल का द्वार है दीक्षा -अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

प्रकृति के अनुसार रहना ही मुनि दीक्षा धर्म प्रभावना और आत्म कल्याण से मोक्ष का द्वार है दीक्षा जैन धर्म में संन्यास को दीक्षा कहा है। पुरुष की दीक्षा में तीन क्रम होते हैं, जो क्रमश: क्षुल्लक, ऐलक और मुनि हैं। मुनि अवस्था में पूरा दिगम्बर होना होता है यानी तन पर एक भी वस्त्र नहीं

इंदौर अंतर्मुखी 26/1/2023, 9:00:08 am

प्रथम तीर्थंकर : आदि पुरुष भगवान ऋषभदेव-अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

@लेखक- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव हैं। वे सुसीमा नगरी के राजा नाभिराय के पुत्र थे। ऋषभदेव ने ही आमजन को छह क्रियाएं- असि, मषि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्प का ज्ञान दिया। यही नहीं, ऋषभदेव ने ही सर्वप्रथम अपनी दो पुत्रियों को लिपिविद्या और

इंदौर अंतर्मुखी 23/1/2023, 6:30:14 pm

भगवान ऋषभदेव के मोक्ष कल्याणक पर श्रीफल जैन न्यूज़ की प्रस्तुति : वैराग्य से अहोभाग्य जगाने की राह दिखाते भगवान ऋषभदेव

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इंदौर Shreephal Jain News 20/1/2023, 10:35:05 am

औरंगाबाद जैन मंदिर से मूर्ति चोरी में नया खुलासा: असली पहचान छुपा कर जैन युवती से शादी की

औरंगाबाद के कचनेर गांव के जैन मंदिर से भगवान पार्श्वनाथ की सोने की 2 किलो 300 ग्राम सोने की मूर्ति चोरी हो गई थी। मूर्ति की कीमत करीब 1 करोड 5 लाख रूपए आंकी गई है। मूर्ति चोरी की पड़ताल में एक बड़ी सफलता हासिल मिली है। महाराष्ट्र पुलिस ने दो आरोपियों अर्पित नरेन्द्र जैन और उसके साथ

औरंगाबाद Shreephal Jain News 30/12/2022, 5:31:29 pm

सम्मेद शिखर : समस्याओं के कंटक पथ में समाधान की नई पगडंडियां खोजें, प्रशासन और जैन श्रावक समझें अपनी-अपनी जिम्मेदारी

सम्मेदशिखर को लेकर पूरे देश में आंदोलन चल रहा है । यह खुशी की बात है । यह इस बात का भी संकेत है की जैन समाज अपने तीर्थों को बचाने के लिए सचेत है । शिखर जी एक ऐसा तीर्थ हैं जहां से 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकर मोक्ष गए है और उनके साथ करोड़ों मुनि भी मोक्ष को प्राप्त किए है । श

सम्मेदशिखर Shreephal Jain News 27/12/2022, 7:49:42 pm

श्री सम्मेदशिखर सिद्व क्षेत्र की है अचिंत्य महिमा - चौबीसों सिद्व भूमि जा उपर शिखर सम्मेद महागिरी भू पर, एक बार वंदे जो कोई ताहि नरक पशुगति नहीं होई

जयपुर. मनीष गोधा । पूरे भारत वर्ष का जैन समाज सड़को पर उतर कर प्रदर्शन कर रहा है ।आखिर क्या है जैन धर्म के झारखंड प्रान्त में स्थित सर्वोच्च सिद्ध क्षेत्र श्री सम्मेदशिखर की महिमा ? आखिर क्यों भारत का प्रत्येक जैन इस क्षेत्र को बचाने के लिये हर गांव शहर से लेकर भारत की राजधानी दिल

जयपुर Shreephal Jain News 21/12/2022, 9:10:00 pm