अच्छे विचार और अच्छी दृष्टि ही करती है आचरण का निर्माण: आचार्य निर्भयसागर’ के बड़े जैन मंदिर में हुए मीठे प्रवचन
भावना भाव नासनी होती है। विचार विचार को पैदा करते हैं, मधुर वाणी मधुर वाणी को पैदा करती है,आचरण आचरण को पैदा करता है,पैसा पैसे को पैदा करता है। इसलिए हमेशा मधुर वाणी बोलना चाहिए। यह उद्गार आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने बड़ा जैन मंदिर मुरैना में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्य
इंदौर • Shree Phal News • 24/3/2026, 10:30:05 pm




















