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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

खुद की पहचान कराता है अध्यात्म : अध्यात्म देता है असल जिंदगी जीने की दिशा - डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

अध्‍यात्‍म बहुत विस्‍तारित विषय है। आध्यात्मिकता का किसी धर्म, संप्रदाय, फिलासफी या मत से कोई लेना-देना नहीं है। आध्यात्मिकता का संबंध मनुष्य के आंतरिक जीवन से है और इसकी शुरुआत होती है उसकी अन्तर्यात्रा से। आप अपने अंदर से कैसे हैं, आध्यात्मिकता इसके बारे में है। आध्यात्मिक प्रक

इंदौर संपादक 26/2/2021, 7:45:44 pm

तीर्थंकर ऋषभदेव के कृषि ज्ञान से समृद्ध हो गई थी जनता - डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

जैनधर्म के प्रवर्तक, तीर्थंकर ऋषभदेव मोक्ष कल्याणक (निर्वाणोत्सव) 10 फरवरी 2021 के अवसर पर प्रासंगिक आलेख : (वर्तमान में कृषि और किसान की चर्चा सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक में हो रही है। भगवान ऋषभदेव ने कहा था कि ऋषि बनो या कृषि करो। उनके निर्वाणोत्सव पर पढ़ें प्रासंगिक आ

इंदौर संपादक 10/2/2021, 4:21:45 pm

गणतंत्र दिवस विशेष : ‘गणतंत्र’ का जनक दुनिया का पहला गणराज्य वैशाली और भगवान महावीर स्वामी -डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

गणतंत्र का अर्थ है हमारा संविधान-हमारी सरकार-हमारे कर्त्तव्य-हमारा अधिकार। इस व्यवस्था को हम सभी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। स्वतंत्र भारत देश का सविंधान डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के नेतृत्व में लिखा जिसे लिखने में 2 साल 11 महीने 18 दिन लगे। गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्

इंदौर संपादक 26/1/2021, 7:00:20 am

मै सिध्द क्षेत्र चैत्य गाँव हूँ

मै वह हूँ जिस पर आजतक किसी की कोई मेहरबानी नही हुई क्योंकि में अब पुराना जो हो गया हूँ, बूढ़ा जो हो गया हूँ। मेरे अपनो ने मुझे मेरे सपनों के साथ छोड़ दिया है। मैं अपने आप को कई सालों से असहाय मान रहा हूँ। मुझे तुम्हारे पूर्बजों ने अपनो सपनों के साथ जोड़ा था। मुझे जैनत्व की प्रभावना

इंदौर संपादक 23/1/2021, 8:10:38 am

व्यवहार शिष्ट, मिष्ट और इष्ट हो तो प्रतिष्ठा कल्पवृक्ष के समान मनवांछित परिणाम देती है- डॉ निर्मल जैन (न्यायाधीश)

प्रतिध्वनि ध्वनि का अनुसरण करती है और ठीक उसी के अनुरूप होती है। दूसरों से हमें वही मिलता है और वैसा ही मिलता है जैसा हम उनको देते हैं। अवश्य ही वह बीज-फल न्याय के अनुसार कई गुना बढ़कर मिलता है। नववर्ष में संकल्पित हों कि खुद सुख चाहते हैं तो दूसरों को सुख दें। मान चाहते हैं तो सब

इंदौर संपादक 23/1/2021, 6:26:30 am

शताब्दियों में होते हैं आचार्य श्री ज्ञानसागर जी जैसे विराट व्यक्तित्व

भारतीय संस्कृति के उन्नयन में सराकोद्धारक राष्ट्र संत आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का अविस्मरणीय अवदान -डॉ सुनील संचय , ललितपुर दिगम्बर जैन धर्म के शीर्ष संतों में सम्मिलित सराकोद्धारक , राष्ट्र संत, शाकाहार प्रवर्तक, परम पूज्य, आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की 15 नवम्बर 202

इंदौर संपादक 17/11/2020, 4:55:53 pm

महावीर जयंती पर मुनि दीक्षा व महावीर निर्वाण उत्सव पर समाधि का अद्भुत योग - राजेन्द्र जैन महावीर, सनावद

सामाजिक सरोकार के निस्पृही संत सराकोद्धारक आचार्यश्री ज्ञानसागरजी महाराज की समाधि अपूरणीय क्षति आचार्यश्री शांतिसागरजी महाराज छाणी महाराज की परम्परा के षष्ठ पट्टाचार्य, सराकोद्धारक राष्ट्रसंत आचार्यश्री ज्ञानसागरजी महाराज की समाधि 15 नवंबर 2020 (भगवान महावीर निर्वाण दिवस दीपावली)

इंदौर संपादक 16/11/2020, 7:34:21 am

आइए…. जानें दीपावली के गू़ढ़ धार्मिक अर्थ को -गणिनी आर्यिका स्याद्वाद मति माताजी

हर बार की तरह हम सब दीपावली मनाएंगे। महावीर निर्वाणोत्सव पर लड्डू भी चढ़ाऐंगे , लक्ष्मी पूजन भी करेंगे, धनतेरस पर बर्तन भी खरीदेंगे और रूप चैदस पर रंग-रूप भी निखारेंगे। प्रतिदिन दीप जलाएंगे ….. पर क्या वास्तव में दीपावली बस यही सब करने के लिए आती है……? जवाब होगा ….नहीं। दीपावली तो

इंदौर संपादक 5/11/2020, 1:35:41 pm

दीपावली पर्व हमारे अंतस में उम्मीद का दीया जलाता है -डाॅ. सुनील जैन ‘संचय’, ललितपुर

धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से जैसी महत्ता और व्यापकता दीपावली पर्व की है वैसी और किसी पर्व की नहीं। संभवतः इसीलिए दीपावली को सबसे बडे़ उत्सव की संज्ञा दी जाती है। यह एक ऐसा अनूठा पर्व है जो सबको उत्सवधर्मिता से जोड़ता है। हमारी सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा यह पर्व हमारे अंतस में उम्मीद

इंदौर संपादक 5/11/2020, 1:14:52 pm

निर्वाणोत्सव है दीपावली -अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर

दीपावली…..अर्थात अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव। दीपावली भारतीय हिन्दू परम्परा और संस्कृति का सबसे प्राचीन और सबसे महत्वपूर्ण त्योंहार है। हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख, आर्य समाज यानी भारतीय परम्परा से निकले जो भी धर्म और मत है, लगभग उन सभी में दीपोत्सव मनाने के अपने-अपने कारण और श

इंदौर संपादक 19/10/2020, 2:30:18 pm

जैन शासन के देवी देवताओं का सम्मान पर्व नवरात्रि

जैन धर्म में नवरात्रि नवरात्रि….नौ दिन तक मनाया जाने वाला दैविय अनुष्ठानों का पर्व। यह पर्व जैन दर्शन में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और देवी देवताओं के सम्मान स्वरूप उनकी आराधना कर मनाया जाता है। जहां पर्यूषण पर्व आध्यात्मिक उर्जा वाला पर्व है, वहीं नवरात्रि दैवीय उर्जा वाला पर्व है

इंदौर संपादक 18/10/2020, 9:07:46 am

श्रवणबेलगोला यानी दिगम्बर जैन मुनियों का धवल सरोवर

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर गति के साथ विकास और धर्म के साथ सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नित नया इतिहास रचता श्रवणबेलगोला एक जीवंत तीर्थ है। आत्मसाधना का केंद्र रहा श्रवणबेलगोला अब सामाजिक सेवा के लिए भी जाना जाने लगा है। वैसे भी इतिहास को जानना एक ऐसी पुस्तक को पढ़ने के स

इंदौर संपादक 29/11/2019, 6:31:27 pm