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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

होम्बुज में हर्षोल्लास से मनाया जाता है नवरात्र पर्व : - अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

धार्मिक संस्कृति से ओत-प्रोत भारत संसार का ऐसा देश है जहां सभी धर्मों के पर्व और त्यौंहार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सभी धर्मों के त्यौंहार और पर्व यहां बड़े उल्लास, उमंग और श्रद्धा से मनाए जाते हैं। नवरात्रि जैसा त्यौंहार तो सभी को आन्तरिक शक्ति से परिपूर्ण कर देता है। इस लेख मे

इंदौर संपादक 7/10/2021, 9:56:22 pm

पर्युषण पर्वः आत्मचिंतन, आत्मशोधन का पर्व – अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

पर्युषण पर्व जैन समाज में सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इसका शाब्दिक अर्थ है- परि+उषण, परि यानी चारों तरफ से और उष्ण का मतलब बुरे कर्मों/विचारों का नाश करना है। इस त्योहार की मुख्य बातें भगवान महावीर स्वामी के मूल पांच सिद्धांतों पर आधारित हैं। अहिंसा यानी किसी को कष्ट ना पहुंचाना, सत

इंदौर संपादक 10/9/2021, 7:10:00 am

श्रुतपंचमी पर्व - आर्यिका श्री प्रशांतमति माता जी

श्रुतपंचमी पर्व शास्त्र-जिनवाणी का पर्व है। वर्ष में शास्त्र का यह एक मात्र पर्व आता है। आज के दिन सैकड़ों वर्ष पूर्व जिनवाणी का लेखन कार्य समाप्त हुआ था। इस पंचम काल में साक्षात् तीर्थंकर भगवान विद्यमान नहीं हैं, इसलिए उनकी दिव्यवाणी ही हम सबकी परम हितकारी है। हमारे तीर्थंकरों न

इंदौर संपादक 15/6/2021, 8:54:46 pm

श्रुत पंचमी- उद्भव एवं महत्व" -ब्र. डॉ सविता जैन

अनादिनिधन जैन धर्म में भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर पर्यंत श्रुत परंपरा श्रोत्र रूप में निर्बाध रूप से सतत प्रवाह मान होती रही है। भगवान महावीर के निर्वाण के पश्चात तीन अनुबद्ध केवली व पांच श्रुतकेवलियो के संपूर्ण वांग्मय प्रवाह मान रही किंतु अंतिम श्रुत केवली भद्रबाहु स्वाम

इंदौर संपादक 15/6/2021, 12:18:48 pm

जल, जंगल, जमीन हमारी अमूल्य धरोहर, इनको बचाना हमारा दायित्व

बकस्वाहा का जंगल बुंदेलखंड के फेफड़े हैं ललितपुर । वर्चुअल राष्ट्रीय बेबीनार में जस्टिस, समाजसेवी, पर्यावरणविद, आईएएस, पत्रकार, एडवोकेट और पर्यावरण प्रेमियों ने किया संवाद ललितपुर। पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण और हमारा दायित्व तथा बकस्वाहा का जंगल एवं हमारे दायित्व विषय पर प्रभावना

इंदौर संपादक 6/6/2021, 12:24:27 am

भोजन में शुद्धता का जैनाचार - सीए आदीश कु जैन

आज कोरोना के चलते खान पान और शुद्धता की चर्चा जोरों पर है। अच्छे स्वास्थ और बीमारियों से बचने के लिए वनस्पति आधारित और शाकाहारी भोजन का महत्व सारा विश्व समझ रहा है, और कुछ जाने माने रेस्टोरेंट भी अब वनस्पति आधारित और शाकाहारी भोजन परोसने लगे हैं। लेकिन इसके साथ साथ खानपान में शुद

इंदौर संपादक 5/6/2021, 3:50:31 pm

बेहतर कल के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी : डॉ सुनील जैन संचय, ललितपुर

पर्यावरण दिवस 5 जून 2021 पर विशेष : प्राणवायु ही नहीं जीवन के आधार हैं वृक्ष पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘परि’ + ‘आवरण’। ‘परि’ का अर्थ है- चारों ओर और ‘आवरण’ का अर्थ है-घेरा। वह घेरा जो हमारे चारों ओर व्याप्त है और जिसमें हम जन्मते, बढ़ते व जीवनयापन करते हैं, पर्याव

इंदौर संपादक 4/6/2021, 11:28:22 pm

परिस्थिति कुछ भी हो मनःस्थिति को संतुलित रखिए - डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

मानवीय संवेदनाओं को संक्रमित होने से बचाएं हम सभी अवगत हैं, इन दिनों कोविड के संकट के दौर से पूरा विश्व गुजर रहा है।भारत पर कोरोना का कहर वज्रपात की तरह बरसा है। कोरोना से ये जो मौतें हो रहीं हैं, वे महज एक आंकड़ा नहीं बल्कि किसी की पूरी दुनिया है। ऐसे समय में आदमी के साथ रिश्तों

इंदौर संपादक 27/5/2021, 8:49:36 pm

अक्षय तृतीया : अक्षय तृतीया से शुरू हुयी थी जैन परम्परा में दान की शुरूवात - डॉ. सुनील जैन ‘संचय’, ललितपुर

भारतीय संस्कृति में पर्व, त्याहारों और व्रतों का अपना एक अलग महत्व है। ये हमें हमारी सांस्कृतिक परंपरा से जहां जोड़ते हैं वहीं हमारे आत्मकल्याण में भी कार्यकारी होते हैं। वैशाख शुक्ला तृतीया को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाता है। इस दिन जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ ) ने र

इंदौर संपादक 8/5/2021, 1:46:08 pm

मदर्स डे : पीड़ाओं को सहकर आंचल की छाया देती है माँ - डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर

माँ ही है, जो हमे दुनिया से नौ महीनों ज्यादा जानती है | मां के लिए कोई भी शब्द, लेख या उपाधि कम होगी। उनके प्यार और समर्पण को जिंदगी लगाकर भी जताया नहीं जा सकता है। लेकिन फिर भी एक दिन है जो पूरी तरह मां को समर्पित होता है, इस दिन को मदर्स डे कहते हैं। साल 2021 में मातृत्व दिवस य

इंदौर संपादक 8/5/2021, 1:40:25 pm

तीर्थंकर महावीर और उनके द्वारा उपदेशित अहिंसा - डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर

तीर्थंकर महावीर का उदय ऐसे समय में हुआ, जहाँ मानव क्रूर हिंसा की क्रिया में लिप्त था। हिंसा का बोलबाला था। आज भी जहाँ यह स्थिति परिलक्षित हो रही है इसे पाटने के लिए उनका मार्ग ही श्रेयस्कर है। उनके जीवन से हम सब आज भी परिवर्तन ला सकते हंै।चैत्र सुदी तेरस का दिन महान पवित्र दिन है

इंदौर संपादक 3/5/2021, 11:05:46 pm

मंथन: समाज को दिशा और प्रेरणा देते हैं जयंती पर्व- प्रियंका सेठी,किशनगढ़

बंधुओं …इस माह हम जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती मनाने जा रहे हैं। आज से हजारों-लाखों वर्ष पूर्व इन तीर्थंकरों ने जो शिक्षाएं और उपदेश मानव और समाज का दिए, उनकी प्रासंगिकता आज भी है और इसीलिए इन तीर्थंकरों के जयंती पर्व मनाना ना सि

इंदौर संपादक 9/4/2021, 9:38:37 pm

मंथन: भगवान महावीर

प्रस्तुति : तुष्टि जैन M.com DEl.Ed बालक महावीर का जन्म कहाँ हुआ था ? उत्तर - बालक महावीर का जन्म कुण्डग्राम (वैशाली) विहार में हुआ था। तीर्थंकर महावीर के पाँच कल्याणक किस-किस तिथि में हुए थे? उत्तर - गर्भकल्याणक - आषाढ़ शुक्ल षष्ठी, शुक्रवार, ई.पू. 599 में। जन्मकल्याणक - चैत्र शु

इंदौर संपादक 9/4/2021, 9:31:41 pm

मंथन: भगवान आदिनाथ

प्रस्तुति : तृष्टि जैन M.com, D.El.Ed.} भगवान आदिनाथ के कुछ प्रचलित नाम बताइये। उत्तर - (1) श्री आदिनाथ जी, (2) श्री ऋषभनाथ जी, (3) श्री वृषभनाथ जी, (4) श्री पुरूदेव जी, (5) श्री आदि ब्रह्मा, (6) प्रजापति भगवान आदिनाथ के नाम की सार्थकता क्या है? उत्तर - तीर्थंकरों में प्रथम होने

इंदौर संपादक 9/4/2021, 8:57:54 pm

मंथन: अंहिसा के प्रणेता वर्धमान महावीर

वर्तमान काल में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ़़ऋषभदेव से आरम्भ हो कर 24 तीर्थंकरों की यह परम्परा भगवान महावीर पर आकर समाप्त होती है। भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार साल पहले (ईसा से 599 वर्ष पूर्व), वैशाली के गणतंत्र राज्य कुण्डलपुर में हुआ था। वर्धमान जो बाद में महावीर बन

इंदौर संपादक 9/4/2021, 8:33:56 pm

मंथन: आदि पुरूष भगवान ऋषभदेव

जैन पुराणों के जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव हैं। वे सुसीमा नगरी के राजा नाभिराय के पुत्र थे। ऋषभदेव ने ही आमजन को छह क्रियाएं असि, मषि, कृषि, विद्या, वाणिज्य और शिल्प का ज्ञान दिया। यही नहीं ऋषभदेव ने ही सर्वप्रथम अपनी दो पुत्रियों को लिपिविद्या और अंकविद्या का ज्ञान दिया। इ

इंदौर संपादक 9/4/2021, 8:23:56 pm

भगवान ऋषभदेव ने मानव जाति को स्वावलम्बन की कला सिखाई

-डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर जैन परम्परा में मान्य चैबीस तीर्थंकरों की श्रृखंला में भगवान ऋषभदेव का नाम प्रथम स्थान पर है और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी हैं। वेद जो विश्व के प्राचीनतम लिपिबद्ध धर्म ग्रंथों में से एक है में तथा श्रीमद्भागवत इत्यादि में आये भगवान ऋ

इंदौर संपादक 5/4/2021, 2:22:31 pm

महिला दिवस: हर दिन नारी दिवस मना लो

प्रियंका सेठी,किशनगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी आठ मार्च को दुनिया के सभी देश, चाहे वह विकसित हों या विकासशील, महिला अधिकारों की बात करते हैं। महिलाओं और उनके आर्थिक अधिकारों के बारे में चर्चा की जाती है और औरतों के तरक्की के विविध पहलूओं पर बातें होती है। भारत में भी अंतरराष्

इंदौर संपादक 8/3/2021, 3:28:05 pm

मन के विचार: बच्चों को धर्म से जोडें- श्रीमति हिमानी जैन,बांसवाड़ा

आज की युवा पीढी के बारे में कुछ कहना चाहती हूं। आज उनका आत्मविश्वास खत्म होता नजर आ रहा है। माता-पिता भी उनके आगे अपनी बात कहने से डरते है। सारी सुख सुविधाएं मिलने के बाद भी जरा सी हार या असफलता उनके सामने आ जाए तो वे अपना धैर्य खो बैठते हैं।? हमें अपने बच्चों को धर्म, परिवार और

इंदौर संपादक 5/3/2021, 9:33:55 pm

जीवन के महत्व को समझिए - प्रियंका जैन, किशनगढ

यह जीवन हमें हमारे शुभ कर्मो के फल के रूप में मिला है। हम सभी को इसका मूल्य पता होना चाहिए। हम बेहतर जीवन के लिए प्रत्येक दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन याद रखिए कि जीवन यात्रा हमेशा आसान नहीं होती। ऐसे में हमें हमेशा सकारात्मक रहना चाहिए। जीवन का महत्व जीवन का अ

इंदौर संपादक 27/2/2021, 2:16:04 pm