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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

श्रुत पंचमी : दुर्लभ ग्रंथ एवं शास्त्रों की रक्षा का महापर्व

-डॉ. सुनील जैन 'संचय' ललितपुर 4 जून को श्रुत पंचमी महापर्व है। जैन परंपरा में आगम को भगवान महावीर की द्वादशांगवाणी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। श्रुत परंपरा जैन -धर्म -दर्शन में ही नहीं वैदिक परंपरा में भी चरमोत्कर्ष पर रही है। इसी के फलस्वरूप वेद को श्रुति के नाम से संबोधित

इंदौर संपादक 3/6/2022, 4:31:42 pm

शांति के नायक भगवान शांतिनाथ

शान्तिनाथ तुम शान्तिनायक, पण्चम चक्री जग सुखदायक ।। तुम ही सोलहवे हो तीर्थंकर, पूजें देव भूप सुर गणधर ।। पत्र्चाचार गुणोके धारी, कर्म रहित आठों गुणकारी ।। तुमने मोक्ष मार्ग दर्शाया, निज गुण ज्ञान भानु प्रकटाया ।। [caption id="attachment_24885" align="alignnone" width="300"] भीलूड़

इंदौर Shreephal Jain News 28/5/2022, 4:03:08 pm

बाधित प्रतिमा या यंत्र निगेटिव ऊर्जा निःसृत करते हैं

लेखक-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर हम मंदिर बनाते हैं खास तौर पर जैन मंदिर तो उसकी एक ही वेदी पर अनेकों प्रतिमाएँ विराजमान कर देते हैं। यदि मंदिर की वेदी पर अधिक स्थान नहीं होता है तो सबसे बड़ी प्रतिमा के आगे कुछ छोटी प्रतिमा, उससे आगे और छोटी इस तरह से एक-एक प्रतिमा के आगे

इंदौर संपादक 28/5/2022, 9:03:59 am

अक्षय तृतीया से शुरू हुई थी आहारदान की परंपरा

03 मई 2022 अक्षय तृतीया विशेष : दान करने का महापर्व -डॉ. सुनील जैन ‘संचय’, ललितपुर भारतीय संस्कृति में पर्व, त्याहारों और व्रतों का अपना एक अलग महत्व है। ये हमें हमारी सांस्कृतिक परंपरा से जहां जोड़ते हैं वहीं हमारे आत्मकल्याण में भी कार्यकारी होते हैं। अक्षय तृतीया का दिन अपने आप

इंदौर संपादक 2/5/2022, 3:09:42 pm

सभी आधुनिक समस्याओं का समाधान देते हैं तीर्थंकर महावीर के सिद्धांत

भगवान महावीर 2621 वां जन्म कल्याणक 14 अप्रैल 2022 विशेष : -डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर (आध्यात्मिक चिंतक व जैनदर्शन के अध्येता) हर साल देश दुनिया में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को भगवान महावीर के जन्मकल्याणक के रुप में मनाया जाता है। भगवान महावीर सत्य, अहिंसा और त्याग की

इंदौर Shreephal Jain News 13/4/2022, 10:36:25 pm

तीर्थंकर महावीर... एक नजर में

प्रस्तुति -अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज अन्य नाम- वर्द्धमान, वीर, अतिवीर, महावीर, सन्मति तीर्थकर क्रम -चतुर्विंशतम जन्मस्थान -क्षत्रिय कुण्डग्राम, वैशाली पिता नाम-सिद्धार्थ मातानाम -त्रिशला देवी (प्रियकारिणी) वंशनाम-नाथवंश गर्भावतरण -आषाढ़ शुक्ल षष्ठी जन्म तिथि -चैत्र शुक्ल त

इंदौर Shreephal Jain News 13/4/2022, 1:27:24 pm

कहाँ गयी मेरे आँगन की गौरैया!

विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च 2022 पर विशेष : गौरैया के अस्तित्व पर संकट के बादल, गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आएं - डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर ( एक समय था जब घर-घर में गौरैया दिखती थीं, लेकिन समय के साथ पक्के मकानों और कम होते जंगलों के कारण गौरैया के कुनबे भी कम हो गए, जिसका असर

इंदौर संपादक 20/3/2022, 4:12:54 am

धर्म और संस्कृति की ध्वजा निरंतर लहरा रहे हैं वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी

54वे दीक्षा दिवस 10 मार्च 2022 पर विशेष : त्याग तपस्या की प्रतिमूर्ति आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज - डॉ. सुनील जैन ,संचय ललितपुर भारत की पावन भूमि पर अनेक विभूतियों ने जन्म लेकर इस पावन धरा को गौरवान्वित किया है। उन्हीं में एक संत परम पूज्य आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी म

इंदौर Shreephal Jain News 10/3/2022, 8:34:49 pm

इक्कीसवीं सदी की नारी है आत्मनिर्भर

महिला दिवस 08 मार्च 2022 पर विशेष : समाज की वास्तविक वास्तुकार है नारी लेखक- डॉ. सुनील जैन संचय भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है। संस्कृत में एक श्लोक है- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः । यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः ।।

इंदौर संपादक 7/3/2022, 9:45:01 pm

अरसीकेरे कर्नाटक का भव्य प्राचीन सहस्रकूट मंदिर

डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर कर्नाटक का अरसीकेरे एक प्रमुख जैन केंद्र था। कहा जाता है कि यहाँ होयसलाओं के दौरान कई जैन मंदिर थे। अरसीकेरे शहर न केवल राजा वीरा बल्लाला-द्वितीय द्वारा निर्मित शिवालय है, बल्कि वह जगह भी है जहां कम विख्यात सहस्रकूट जिनालय, उसी काल की एक जैन ब

इंदौर संपादक 1/3/2022, 10:05:30 pm

जब फूट फूट कर रो पड़ी दस्यु सुन्दरी फूलन देवी -डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर

डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर जीवन में अनगिनत उतार-चढ़ाव देखने वाली फूलन देवी के एक मासूम लडक़ी से दस्यु सुंदरी बनने के किस्से आज भी चंबल के बीहड़ों में सुने और सुनाए जाते हैं। एक समय था जब दस्यु सुन्दरी फूलन देवी के नाम से आंचलिक सम्पन्न परिवार ही नहीं डाकू गिरोह भी दहशत ख

इंदौर संपादक 28/2/2022, 7:57:08 am

संस्कृति और सभ्यता के सूत्रधार तीर्थंकर ऋषभदेव

ऋषभदेव निर्वाणोत्सव, 31 जनवरी के अवसर पर प्रासंगिक आलेख: @ डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर (लेखक आध्यात्मिक चिंतक और स्तम्भकार हैं) भगवान ऋषभदेव जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं। उनका जन्म चैत्र कृष्ण नवमी को अयोध्या के महाराजा नाभिराय तथा माता मरुदेवी के यहां हुआ था। माघ कृष्ण चतुर्दशी

ऋषभदेव संपादक 30/1/2022, 8:03:00 pm

निर्माण से निर्वाण तक निर्णायक हैं तीर्थंकर ऋषभदेव की शिक्षाएं

जैनधर्म के प्रवर्तक भगवान ऋषभदेव के निर्वाणोत्सव, 31 जनवरी, 2022 के अवसर पर प्रासंगिक आलेख लेखक -डॉ0 सुनील जैन, संचय (जैन दर्शन के अध्येता, आध्यात्मिक चिंतक) अहिंसा, तप, त्याग, अपरिग्रह और क्षमा जैसे गुणों की अमूल्य धरोहर देकर जैन धर्म ने विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त किया है। जैन

इंदौर संपादक 28/1/2022, 8:40:00 pm

भगवान आदिनाथ द्वारा बताई गई 72 कलाएं

भगवान आदिनाथ ने छह विद्याओं के साथ ही मानव (पुरुष) जाति को 72 कलाओं का ज्ञान भी दिया था। आइए जानते हैं इन कलाओं के बारे में- प्रस्तुति-अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज लेख कला सुंदर-सुस्पष्ट लिपि लिखना एवं अपने भावों, विचारों की सम्यक अभिव्यंजना । रूप कला चित्र, धूलि चित्र, सदृश

इंदौर संपादक 28/1/2022, 12:00:17 am

काशी में जन्में तीर्थंकर चंद्रप्रभु व पार्श्वनाथ भगवान की शिक्षाओं की प्रासंगिकता

तीर्थंकर चंद्रप्रभ व पार्श्वनाथ की जयंती 30 दिसम्बर 2021 पर विशेष -डाॅ. सुनील जैन ‘संचय’ सर्वधर्म सदभाव की नगरी है काशी। विभिन्न धर्मों के धार्मिक सरोकार से जुड़ी इस पावन नगरी की इन दिनों चर्चा चहुँओर है। देश के प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ कॉरिडॉर सहित अनेक सौगातें काशी को हाल ह

इंदौर Shreephal Jain News 28/12/2021, 6:03:22 am

जैन ग्रन्थ

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ग्रंथ शब्द के कई अर्थ हैं, पर यहां ग्रंथ का अर्थ है गणधर के द्वारा रचा गया द्रव्यश्रुत अर्थात् जिसमें जैन ग्रंथ के सिद्धांतों और उसके इतिहास का वर्णन हो,उसे जैन ग्रन्थ कहते हैं। ग्रंथ को चार अनुयोग (भाग) में विभाजित किया गया है। वर्तमान (अवसर्पिणी

इंदौर संपादक 18/12/2021, 8:58:30 pm

आइए, जानें दीपावली के गूढ़ धार्मिक अर्थ को - गणिनी आर्यिका स्याद्वादमति माता जी

हर बार की तरह हम सब दीपावली मनाएंगे । महावीर निर्वाणोत्सव पर लडू भी चढ़ा करेंगे, लक्ष्मी पूजन भी धनतेरस पर बर्तन भी खरीदेंगे और रूप चौदस पर रंग-रूप भी निखारेंगे। प्रतिदिन दीप जलाएंगे पर क्या वास्तव में दीपावली बस यही सब करने के लिए आती है? जवाब होगा नहीं। दीपावली तो इससे कहीं अधिक

इंदौर संपादक 2/11/2021, 9:57:09 pm

वास्तु सलाहः पढ़ाई में बच्चे की सफलता की गारंटी - तृष्टि जैन

शिक्षा का जीवन में बहुत अधिक महत्व है। शास्त्रों में लिखा है-साहित्य, कला से विहीन मनुष्य पशु के समान होता है। शिक्षा व्यक्ति के सम्पूर्ण चरित्र का निर्माण करती है, इसलिए हर अभिवावक अपने बच्चे की शिक्षा पर विशेष बल देता है। रुचिकर तथ्य यह है कि वास्तु सलाहकारों का दावा है कि छात्

इंदौर संपादक 26/10/2021, 3:20:30 pm

धार्मिक अनुशासन के साथ पढ़ाई सर्वोत्कृष्ट – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

इस आलेख में, जो कुछ मैं आपको बताने जा रहा हं, मेरे अपने अनुभव हैं। मन के अंतरंग उद्गार हैॆ। जब मैंने धर्म, ध्यान साधना के मार्ग पर कदम नहीं बढ़ाए थे और लौकिक पढ़ाई कर रहा था, तब मुझे ज्यादातर चीजें स्मरण ही नहीं रहती थीं। जैसे- तैसे पास होने लायक नम्बर ही परीक्षा में ले आ पाता था

इंदौर संपादक 25/10/2021, 2:46:25 am

स्मार्टफोन का उचित उपयोग – अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

संसार में कोई भी वस्तु खराब नहीं होती। खराब होती है तो उसका उपयोग करने वाले कैसे लोग हैं। कहां, कब, क्या उपयोग करना चाहिए, इसका ज्ञान आवश्यक है। वास्तव में देखा जाए तो प्राकृतिक साधन, वस्तु का उपयोग करने में कोई हानि नहीं, पर जो मानव द्वारा बनाई गई हैं, उससे लाभ और हानि दोनों ही

इंदौर संपादक 24/10/2021, 3:07:51 pm