📚 कथा सागर

कथा सागर

जैन पुराणों एवं ग्रंथों से प्रेरणादायक कथाएं

प्रभु का संरक्षण : सुख हो या दुख ईश्वर हर स्थिति में हमारे साथ हैं-प्रियंका संजय सेठी

कथा सागर में पढ़िए कहानी प्रभु का संरक्षण। इस कहानी का नैतिक मूल्य यही है कि सुख हो या दुख, ईश्वर हर स्थिति में हमारे साथ रहते हैं। अगर दुख में भी हम अपनी राह से भटकें नहीं तो वह हमें एक बच्चे की तरह दुलार देते हैं। प्रभु का संरक्षण एक संत रेत पर चले जे रहे थे। जब वह काफी आगे तक च

सागर Shreephal Jain News 3/3/2024, 6:00:14 am

पात्रकेसरी की कथा : सम्‍यग्‍दर्शन का उद्योत करने वाले थे पात्रकेसरी आचार्य

कथा सागर की इस विशेष प्रस्तुति में आराधना कथा कोश में से पात्रकेसरी की कथा आपके समक्ष है । इस कोश में ब्रह्मचारी श्री नेमिदत्त द्वारा रचित जैन धर्म पर आधारित कथाएँ हैं, इन्हीं में से है पात्रकेसरी की कथा की कथा। पढ़िए राखी जैन की प्रस्तुति। कथा भगवान के पंचकल्‍याणों से पवित्र और स

सागर Shreephal Jain News 25/2/2024, 4:23:08 pm

सम्‍यक्चारित्र का उद्योत करने वाले चक्रवर्ती की कथा : स्वर्ग और मोक्ष-सुख देने वाले थे श्री सनत्कुमार

कथा सागर की इस विशेष प्रस्तुति में आराधना कथा कोश में से सनत्कुमार चक्रवर्ती की कथा आपके समक्ष है । इस कोश में ब्रह्मचारी श्री नेमिदत्त द्वारा रचित जैन धर्म पर आधारित कथाएँ हैं, इन्हीं में से है सनत्कुमार चक्रवर्ती की कथा। पढ़िए राखी जैन की प्रस्तुति। अनन्तवीर्य भारत वर्ष के वीतशो

सागर Shreephal Jain News 11/2/2024, 6:00:07 am

कथा सागर 12: मुनि तिरस्कार से होगा विद्या का नाश

पद्म पुराण के पर्व – पांच में मुनि के तिरस्कार के फल को बताने वाली कथा का वर्णन है। उस कथा का सारांश यहां आप सबको बता रहा हूं। विद्याधर राजा विद्युदृष्ट्र अपने विमान से जा रहा थे। तभी उसने संजयत मुनि को ध्यान में देखा। यह देखकर उसे तत्काल अपने पूर्वभव का बैर याद आ गया। मुनि अपनी

इंदौर Shreephal Jain News 5/3/2023, 6:00:48 am

कथा सागर 11 : अंजना को मिला प्रतिमा के अपमान का फल

बच्चों आज कहानी है हनुमान जी की मां अंजना की। यह कहानी पद्मपुराण के पर्व 17 में है। मुझे विश्वास है कि आप सब इस कहानी को सुनने के लिए बेचैन होंगे। क्या आप सब जानते हैं कि अंजना जब गर्भवती थी तो उन्हें जंगल-जंगल भटकना पढ़ा था। वहीं जंगल में स्थित एक गुफा में हनुमान का जन्म हुआ था।

इंदौर Shreephal Jain News 26/2/2023, 6:00:23 am

कथा सागर 10 : जीवन में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण करें

पूर्व भव के बैर के कारण ही हम एक दूसरे को मारते, कष्ट देते हैं, इसलिए हमें अच्छे संस्कारों का जीवन मे बीजारोपण करना चाहिए। पद्मपुराण के पर्व 5 में एक कथा है जो संस्कारों के महत्व को दर्शाती है। संजयन्त नाम के मुनिराज थे उन पर विद्युददृढ़ नाम के राजा ने उपसर्ग किया तो धरणेन्द्र देव

इंदौर Shreephal Jain News 19/2/2023, 6:00:24 am

कथा सागर 9 कुवचन का मिलता है बुरा फल

आज इस बात की तरफ आप सबका ध्यान लाना चाहता हूं कि पद्मपुराण के पर्व 5 में एक कथा आती है, जिसमें मुनि निंदा का फल बताया गया है। इस कथा से हमें यह सीख लेनी चाहिए कि आनंद यानी हंसी-मजाक के भाव में भी निंदा नहीं करनी चाहिए। कथा इस प्रकार हैं- मुनि, आर्यिका, क्षुल्लक, क्षुल्लिका सम्मेद

इंदौर Shreephal Jain News 12/2/2023, 6:00:48 am

कथा सागर 8: कभी ना करो मुनि का अपमान

पद्मपुराण के पर्व 9 में बाली मुनि और रावण के जीवन का एक प्रसंग आता है जो हमे शिक्षा देता है कि मुनियों का अपमाना कभी भी नही करना चाहिए। कथा इस प्रकार है – राजा बाली का नियम था कि वह जिनेन्द्र भगवान के अलावा किसी को नमस्कार नही करेगा। रावण चाहता था कि बाली उसे नमस्कार करे। बाली ने

इंदौर Shreephal Jain News 5/2/2023, 6:00:16 am

कथा सागर - 6 : मुनि सेवा का फल बिना मांगे ही मिल जाता है

मुनि की सेवा का फल बिना मांगे ही मिलता है। पद्मपुराण के पर्व 61 में राम के जीवन एक प्रसंग है जो मुनिसेवा के फल को बताता है। प्रसंग इस प्रकार है रावण से युद्ध चल रहा था। उस समय रावण के योद्धाओं ने राम के पक्ष से युद्ध कर रहे सुग्रीव और भामण्डल को नागपाश से बाँध दिया। यह सुनकर राम,

इंदौर Shreephal Jain News 29/1/2023, 7:00:52 am

कथा सागर -6 : कर्म भविष्यकाल का कारण भी –

पद्मपुराण पर्व 85 में एक कहानी आती है। जो इस बात को बात का ज्ञान कराती है कि कर्म किसी को भी नहीं छोड़ता। तो यह है कहानी – गुणनिधि नामक एक मुनिराज ने दुर्गगिरी पर्वत पर जाकर आहार त्याग दिया और चार माह का वर्षायोग धारणकर ध्यान में लीन हो गए। इस मुनि की देव-असुर आदि ने स्तुति की। चा

इंदौर Shreephal Jain News 22/1/2023, 6:00:15 am

कथा सागर- 5 : तप का प्रभाव

तप के प्रभाव से रोग, शोक आदि अनेक प्रकार के संकट दूर हो जाते हैं। पद्मपुराण पर्व 92 में आता है कि मुनियों के प्रभाव से मधुरा नगरी भी रोग, शोक आदि से मुक्त हो गई। जानते हैं क्या है वह प्रसंग- सुरमन्यु, श्रीमन्यु, श्रीनिचय, सर्वसुन्दर, जयवान, विनयललसा और जयमित्र यह सभी मुनिराज चरित

इंदौर Shreephal Jain News 15/1/2023, 5:00:59 am

कथा सागर- 4 : शुभ भावों का आलम्बन हितकारी

कथा सागर पढ़िए प्रत्येक रविवार को सिर्फ www.shreephaljainnews.com प्रस्तुति - प्रियंका संजय सेठी,किशनगढ़ जीवन में कब और कौनसी घटना घट जाए, कोई नहीं जानता। सीता जब गर्भावस्था में थीं, उस समय का एक प्रसंग पद्मपुराण पर्व 96 में आया है। राम की प्रजा आई तो सीता की दाहिनी आंख फड़कने लगी

सागर Shreephal Jain News 8/1/2023, 5:00:37 am

कथा सागर- 2 : सीता का निर्वासन

कथा सागर पढ़िए प्रत्येक रविवार को सिर्फ http://www.shreephaljainnews.com प्रस्तुति प्रियंका संजय सेठी पद्मपुराण पर्व 97 में सीता को जंगल में भेजने को लेकर राम और लक्ष्मण आपस में चर्चा करते हैं। आइए, जानते हैं वो चर्चा क्या थी- राम ने लक्ष्मण आदि राजाओं को बुलाया और कहा-हमारा वंश

सागर Shreephal Jain News 1/1/2023, 5:00:07 am

कथा सागर - 2: दूसरों से तुलना ठीक नहीं

कथा सागर पड़िए पत्येक रविवार को सिर्फ http://www.shreephaljainnews. - प्रियंका संजय सेठी बहुत पुरानी बात है। एक कौआ था। वह सोचने लगा कि पक्षियों में मैं सबसे ज्यादा कुरूप हूं। न तो मेरी आवाज ही अच्छी है, न ही पंख सुंदर। मैं काला-कलूटा भी हूं। ऐसा सोचकर उसके अंदर हीनभावना भरने लगी

सागर Shreephal Jain News 25/12/2022, 5:00:27 am

कथा सागर-1- सधर्म ही सच्चा सहारा

प्रियंका संजय सेठी की प्रस्तुति श्रीफल कथा सागर में अलग -अलग विषयों पर पढ़े धार्मिक कहानियां प्रत्येक रविवार को सिर्फ http://www.shreephaljainnews.com पर। वर्तमान समय भागदौड़ और आपा खो देने वाला समय है;परिवार में पति-पत्नी के बीच मतभेद, मनभेद बढ़ जाते हैं तो न जाने कितने नकारात्मक

इंदौर Shreephal Jain News 18/12/2022, 5:00:45 am

श्रीफल जिन पाठशाला में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज द्वारा तीर्थंकरों का विश्लेषण

श्रीफल जिन पाठशाला में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज द्वारा तीर्थंकरों का विश्लेषण- पाठशाला का वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करे

इंदौर Shreephal Jain News 25/11/2022, 8:34:42 pm

कहानी- खुशियों के दीप

कहानी- खुशियों के दीप मृदुल "पुष्प", बांसवाड़ा (राजस्थान) शहर से लगभग 10-15 किलोमीटर दूर ही ईश्वर का गांव था। गांव के एक छोर पर तालाब से कुछ फर्लांग पर उसका मकान। वह देखने में इतना पक्का भी नहीं था। कुछ फीट खोदी गई नींव पर पत्थरों से चुनाई के बाद ईंट पर ईंट जमाकर बनाए दो कमरे। बी

इंदौर Shreephal Jain News 22/10/2022, 7:03:58 pm

संगत का असर

एक दिन गुरु अपने शिष्यों के साथ घूमने जा रहे थे। रास्ते में वे अपने शिष्यों को अच्छी संगत क्या होती है समझा रहे थे । लेकिन शिष्य इसे समझ नहीं पा रहे थे। तभी गुरु ने फूलों से लदा एक गुलाब का पौधा देखा। उन्होंने एक शिष्य को उस पौधे के नीचे से तत्काल मिट्टी का ढेला उठाकर ले आने को क

इंदौर Shreephal Jain News 24/7/2022, 6:04:53 am

कहानी: दान की महिमा

एक बार एक भिखारी सुबह के समय अपने घर से बाहर निकला। वह एक त्यौंहार का दिन था। आज गांव में उसे बहुत भिक्षा मिलने की संभावना थी। वो अपनी झोली में थोड़े से चावल के दान े डालकर बाहर आया। चावल के दान े इसलिए डाल लिए थे कि झोली अगर भरी दिखायी पड़े तो देने वाले को आसानी होती है, उसे लगत

इंदौर Shreephal Jain News 21/7/2022, 6:56:59 am

मुनि के 28 मूलगुण

स्वाध्याय-11 पांच महाव्रत, पांच समिति, पञ्चेन्द्रिय निरोध, छ: (षट्) आवश्यक, शेष सात गुण 28 मूलगुणों है । इन नियमों का पालन मुनि दीक्षा और आर्यिका दीक्षा लेने वाले दोनों पालन करते हैं। आर्यिका माताजी बैठे-बैठे आहार ग्रहण करती हैं,अतिआवश्यक होने पर स्नान करती है और एक साड़ी का उपयोग

इंदौर Shreephal Jain News 16/12/2021, 8:55:52 pm