अरिहंत, सिद्ध आचार्य परमेष्ठी के गुणों का वर्णन : अरिहंत भगवान 46 गुण, सिद्ध भगवान 8 गुण और आचार्य परमेष्ठि होते हैं 36 मूलगुण धारी
बड़ के बालाजी श्री चंद्र प्रभ जिनालय में विराजित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म उपदेश पाठशाला में अरिहंत, सिद्ध आचार्य परमेष्ठी के गुणों का वर्णन किया। अरिहंत वितरागी सर्वज्ञ और हितोपदेशी है। जिन्होंने कर्म रूपी शत्रु नष्ट किए। जयपुर से पढ़िए, यह खबर... जयपुर। बड़ के बालाजी श्र
इंदौर • Shree Phal News • 24/5/2026, 7:43:34 pm


















