9वां संयम वर्षवर्द्धन दिवस 25 अप्रैल को: वैशाख शुक्ल दशमी पर तिथि अनुसार विशेष, आर्यिका महायशमती ने आर्यिकाओं की परंपरा को किया गौरवान्वित
भारतीय संस्कृति के उन्नयन में श्रमण संस्कृति का महनीय योगदान है। श्रमण संस्कृति के बिना भारतीय संस्कृति की कल्पना नहीं की जा सकती है। इस गौरवमयी श्रमण परंपरा में चतुर्विध संघ के अंतर्गत आर्यिकाओं का भी अहम योगदान रहा है। धर्म और संस्कृति की रक्षा में महिलाओं का योगदान प्रमुख है।
इंदौर • Shree Phal News • 25/4/2026, 10:33:52 pm




















