दिखावे की दुनिया में खोता हुआ असली ‘मैं’ : वर्तमान समय में दिखावे का आकर्षण प्रबल हो गया है
आज का मनुष्य सफलता को एक ही तराजू में तौलता है- धन। उसके लिए उपलब्धि का अर्थ है अधिक से अधिक पैसा कमाना, ऊंचा पद पाना और समाज में अपनी एक चमकदार छवि बनाना। वह मान बैठा है कि यदि उसके पास अपार धन है और लोग उसके बारे में अच्छा सोचते हैं तो वही उसकी असली पहचान है परंतु, इस दौड़ में व
इंदौर • Shree Phal News • 22/4/2026, 5:38:39 pm




















